
बीएमएस ने तेल टैंकरों पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया
ऑनलाइन डेस्क, 05 फरवरी, 2025: पिछले कुछ महीनों से उत्तर त्रिपुरा जिले में भारतीय मजदूर संघ के पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा है। वर्तमान प्रबन्ध समिति के सदस्यों ने कई बार आरोप लगाया है कि मजदूर संघ के पूर्व पदाधिकारी वर्तमान पदाधिकारियों पर अत्याचार कर रहे हैं। आरोप लगाया जाता है कि पूर्व कर्मचारी कभी-कभी कर्मचारियों पर हमले आयोजित करते हैं।
भारतीय निजी परिवहन मजदूर महासंघ के श्रमिकों ने कुछ दिन पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था। बाद में पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हुई और अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली गई। इसके बाद 30 जनवरी को पूर्व जिला अध्यक्ष बिप्लब दास और उनके साथियों ने कार्यकर्ताओं को धमकाया और बीएमएस कार्यालय से भाग जाने की धमकी दी। यह आरोप लगाते हुए भारतीय निजी परिवहन मजदूर महासंघ के कार्यकर्ताओं ने बुधवार दोपहर विरोध मार्च निकाला। जुलूस का नेतृत्व भारतीय निजी परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष असीम दत्ता ने किया।
आज कार्यकर्ता उत्तर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने धरने पर बैठे। बाद में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उपजिला प्रशासक सजल देबनाथ से मुलाकात की। उन्होंने स्थायी समाधान की मांग को लेकर उपजिला शासक के पास एक प्रतिनिधिमंडल भेजा। भारतीय निजी परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष असीम दत्ता ने कहा कि जब तक कोई समाधान नहीं निकलता, त्रिपुरा तेल टैंकर बंद रहेगा। भाजपा और बीएमएस के बीच यह लड़ाई न केवल धर्मनगर के लोगों के लिए बल्कि त्रिपुरा के लोगों के लिए भी बड़ी चिंता का कारण है। यदि त्रिपुरा तेल टैंकर अनिश्चित काल के लिए बंद हो गया तो पूरी सेवा बाधित हो जाएगी। जो हर किसी के लिए बिल्कुल भी सुखद नहीं होगा।







