
43वां अगरतला पुस्तक मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नई पुस्तक विमोचन और तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता
ऑनलाइन डेस्क, 06 जनवरी 2024: अगरतला पुस्तक मेले का आज पांचवां दिन था. पुस्तक मेले में आज राष्ट्रीय पाखी दिवस मनाया गया. इस अवसर पर पुस्तक मेला परिसर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. चर्चा चक्र में पार्थ सारथी चक्रवर्ती शुवेंदु चौधरी, दीपांकर देव ने पक्षियों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। वहीं पुस्तक मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘बिनोवा भावे मांचे’ में धलाई जिले के कलाकारों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में जिले के सुरपंचम सांस्कृतिक संगठन के कलाकारों ने तबला लहरा बजाकर कार्यक्रम की शुरुआत की. उसके बाद कलाकार ओइकांतिक मजूमदार ने मुखाकृति, अर्काद्युति सांस्कृतिक संघ के कलाकारों ने श्रुति नाटक प्रस्तुत किया. सुष्मिता दत्ता और झिन्नी चौधरी ने पंचकबीर का संगीत प्रस्तुत किया। चन्नाचारा और सुरबिटन के कलाकारों ने सामूहिक संगीत प्रस्तुत किया और अर्पण नृत्याश्रम और नृत्य भूमि के कलाकारों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर धैलू मोग और उनकी मंडली जंजति लोक नृत्य और वर्सटाइल म्यूजिक इंस्टीट्यूट के कलाकारों ने सामूहिक संगीत प्रस्तुत किया। बुद्ध देववर्मा, रेशमा जमातिया और विधिसन देववर्मा ने एकल प्रस्तुति दी। इसके अलावा 7 प्रख्यात संगीतकारों ने एकल संगीत प्रस्तुत किया। इस वर्ष निहारिका प्रकाशन महोत्सव एवं सुमित्रा कर युवा लेखिका सम्मान समारोह का आयोजन आज दोपहर पुस्तक मेले के मुक्तमंच क्रमांक 2 पर किया गया।
इस कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में प्रमुख शिक्षाविद् एवं लेखक डॉ. कृष्णा देववर्मन उपस्थित थे। मंजू दास, प्रसिद्ध कवि प्रत्यूष देव, प्रसिद्ध सितारवादक शुभंकर घोष, शिक्षाविद् दीपक दास आदि। इस अवसर पर निहारिका प्रकाशन द्वारा 44 नई पुस्तकें प्रकाशित की गईं। अतिथियों ने इन पुस्तकों के कवर खोले। इसके अलावा कहानीकार सौरव चक्रवर्ती को निहारिका प्रकाशन द्वारा सुमित्रा कर तरूण लेखक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पुस्तक मेले के दूसरे निःशुल्क चरण में आज राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गयी। इस प्रतियोगिता में विभिन्न विश्वविद्यालयों से 17 प्रतियोगियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में सूचना एवं संस्कृति विभाग के सेवानिवृत्त उपायुक्त देबाशीष नाथ और दिबाकर देबनाथ उपस्थित थे।







