
बिश्रामगंज में सूत वितरण समारोह, वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य के आदिवासियों को किया सम्मानित: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 5 नवंबर, 2025: वर्तमान राज्य सरकार आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए प्राथमिकता के साथ काम कर रही है। राज्य सरकार समय के अनुरूप आदिवासियों के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने आज बिश्रामगंज के सचिन देबबर्मन स्मृति कलाक्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के बीच रिया और पचरा बुनाई के लिए सूत वितरण समारोह का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
समारोह के मंच पर आज 20 आदिवासी महिलाओं को औपचारिक रूप से सूत सौंपा गया। समारोह का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्ग दर्शन, सबका साथ, सबका विकास कार्यक्रम के मार्गदर्शन में राज्य के लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। अब तक राज्य में लगभग 4 लाख 80 हजार महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। इनमें आदिवासी वर्ग की महिलाएं भी शामिल हैं। वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य के आदिवासियों को सम्मान दिया है।
अगरतला हवाई अड्डे का नाम महाराजा बीर बिक्रम के नाम पर रखा गया है। बारामुरा पहाड़ी का नाम हाटाइकटर, गंदाछारा का नाम गंदातुइसा और अथरमुरा पहाड़ी का नाम हचुकाबेरेम रखा गया है। गरिया पूजा के अवसर पर अब दो सरकारी अवकाश होते हैं। पहले राज्य में 4 एकलव्य विद्यालय थे। वर्तमान में 21 एकलव्य विद्यालय हैं।
मुख्यमंत्री जनजाति विकास योजना के तहत 9,325 लोगों को 25,000 रुपये प्रति व्यक्ति की आर्थिक सहायता दी गई है। आदिवासी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति 400 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी लोगों की संस्कृति, परंपरा और विरासत हमारा गौरव है। राज्य सरकार संस्कृति और कृषि के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री ने विकास की गति को तेज करने के लिए सभी से एकता और एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।
आदिवासी कल्याण विभाग के मंत्री विकास देबबर्मा ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार व्यवस्था के विकास सहित आदिवासियों के समग्र विकास के लिए काम कर रही है। यह आदिवासी वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा दिखा रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सिपाहीजाला जिला परिषद की अध्यक्ष सुप्रिया दास दत्ता ने की। कार्यक्रम में स्वागत भाषण हथकरघा, हस्तशिल्प और रेशम उद्योग विभाग के निदेशक अजीत शुक्लादास ने दिया। इस अवसर पर सिपाहीजाला के जिलाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शिव जायसवाल, पुलिस अधीक्षक बिजॉय देबबर्मा, चारिलम प्रखंड सलाहकार समिति के अध्यक्ष जक्लू देबबर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता बिप्लब चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे।








