
बाल संरक्षण एवं बाल विवाह रोकथाम पर चर्चा का दौर
ऑनलाइन डेस्क, 14 जून, 2023: शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों को सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य और जिम्मेदारी है। बाल विवाह को रोकना भी हम सबकी जिम्मेदारी है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष जयंती देबवर्मा ने आज बधारघाट और गांधीग्राम के 12वीं कक्षा के स्कूलों में त्रिपुरा बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल के तहत बाल संरक्षण और बाल विवाह की रोकथाम पर जागरूकता चर्चा बैठक में यह बात कही।
उन्होंने कहा, हमारे समाज में आज भी लड़कियों पर तरह-तरह के अत्याचार हो रहे हैं। कई लड़कियों को उनके परिवारों में भी दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ता है। उन बच्चियों की सुरक्षा हमारे बाल संरक्षण आयोग का मुख्य कार्य है।
उन्होंने कहा, लेकिन यह काम अकेले बाल संरक्षण आयोग नहीं कर सकता। इसके लिए समाज के सभी वर्गों के लोगों के सहयोग की आवश्यकता है।
इसलिए उन्होंने सभी से इस कार्य में आगे आने और समाज को बाल विवाह के अभिशाप से मुक्त करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्या शर्मिला चौधरी, गांधीग्राम स्कूल की प्रधानाध्यापिका सुनीति हलदर व बधारघाट 12वीं कक्षा की प्रधानाध्यापिका लिपिका चक्रवर्ती ने बाल अधिकार संरक्षण व बाल विवाह पर चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 1 अप्रैल से 13 जून तक राज्य के 14 विद्यालयों में बाल संरक्षण एवं बाल विवाह रोकथाम पर जागरूकता परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें से पश्चिम जिले के 4 स्कूलों में बाल अधिकारों के संरक्षण और बाल विवाह पर जागरूकता वार्ता आयोजित की गई







