♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

राज्य की पारंपरिक संस्कृति हमारा आभूषण है: मुख्यमंत्री

ऑनलाइन डेस्क, 10 दिसंबर 2023: प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति हमारा आभूषण है हम संस्कृति के बिना नहीं रह सकते इसलिए संस्कृति की रक्षा और आचरण करना हमारा कर्तव्य है। यह बात मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज दोपहर खैरपुर के नोवावाड़ी के देबराम पंचायत के सेन पारा में साप्ताहिक संस्कृति हाट का उद्घाटन करते हुए कही।

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमें जो संस्कृति की लाठी सौंपी है, उसे खोना नहीं चाहिए हमें इसे संरक्षित करना है, इसमें कुछ नया जोड़ना है और अगली पीढ़ी को सौंपना है युवाओं को स्वस्थ संस्कृति प्रदान की जानी चाहिए ताकि युवा समाज दूसरी दिशा में न भागे यह संस्कृति मेला बंगाली संस्कृति मंडल की पहल के तहत आयोजित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संस्कृति का मतलब सिर्फ गाना-बजाना नहीं है अच्छे आचरण, आचरण और वाणी भी संस्कृति है। हमारे राज्य में 19 जातीय समूहों के पास अपने स्वयं के सांस्कृतिक संसाधन हैं। लोगों के विभिन्न अवसरों पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रदर्शित किये जाते हैं।

उनकी रंग-बिरंगी संस्कृति हमारा मन मोह लेती है उन्होंने कहा, हमारे राज्य की संस्कृति बहुत समृद्ध है राजन्य काल में भी सांस्कृतिक जगत के अनेक प्रतिभाशाली कलाकार इस राज्य में आये। मुख्यमंत्री ने इस साप्ताहिक संस्कृति हाट में विलुप्त हो रहे वृद्ध खेलों जैसे गोलाचूत, डांडियाबंद, लूडो आदि को भी शामिल करने का सुझाव दिया।

उद्घाटन समारोह में विधायक रतन चक्रवर्ती ने कहा कि स्वस्थ संस्कृति ही स्वस्थ समाज को जन्म दे सकती है राज्य की पारंपरिक संस्कृति की रक्षा के लिए आवश्यक पहल की जानी चाहिए संस्कृति प्रेम सिखाती है, विभाजन नहीं इसलिए उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह संस्कृति हाट लोगों के बीच प्रेम और सद्भाव की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव. पीके चक्रवर्ती कहते हैं, संस्कृति हमें आगे ले जाती है भाषा, कला, साहित्य, संगीत सब हमारी संस्कृति हैं। उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक संस्कृति अभ्यास की आवश्यकता होती है। वैश्वीकरण के युग में हर दिन अलग-अलग भाषाएँ लुप्त होती जा रही हैं इसलिए इन सभी भाषा संस्कृतियों की रक्षा की जानी चाहिए इस अवसर पर राज्य सांस्कृतिक सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष सुब्रत चक्रवर्ती, बांग्ला सांस्कृतिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सेवक भट्टाचार्य और महासचिव काजी महताब सुमन ने संबोधित किया। आयोजकों के अनुसार, साप्ताहिक संस्कृति हाट प्रत्येक रविवार को दोपहर 1 बजे से शुरू होगी और शाम तक जारी रहेगी।

इस संस्कृति बाजार में बंगाली संस्कृति, रीति-रिवाज, खान-पान और ग्रामीण मेले का आयोजन किया जाएगा। इस बाजार में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के सदस्य अपने पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। उद्घाटन समारोह में राज्य की कला और संस्कृति जगत की हस्तियों के अलावा क्षेत्र के कई लोग शामिल हुए।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129