
बिजली मंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों से बिजली बिल शून्य करने का आग्रह किया
ऑनलाइन डेस्क, 7 फरवरी 2025: बिजली बिल को लेकर चिंता के दिन खत्म हो गए हैं। अब कोई भी नागरिक बिजली का उपयोग करके अतिरिक्त आय अर्जित कर सकता है। इसके अलावा, बिजली का बिल लगभग शून्य हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देशवासियों के बारे में सोचते हुए देशभर में एक ऐसी योजना लाई है, जिसने करोड़ों लोगों को बिजली बिल की चिंता से मुक्त कर दिया है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऐसी ही एक जनमोहिनी योजना का नाम है।
ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाई ने राज्य के सभी बिजली उपभोक्ताओं से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभार्थी बनकर अपने बिजली बिलों को शून्य करने का आग्रह किया है। बिजली मंत्री ने शुक्रवार को अगरतला में कैंसर अस्पताल के सामने जीबी पावर सब-डिवीजन से सटे मैदान में कैपिटल कॉम्प्लेक्स पावर डिवीजन द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर मुफ्ती बिजली योजना शिविर में पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कोयला खत्म हो जाएगा, गैस खत्म हो जाएगी और इसके परिणामस्वरूप पारंपरिक बिजली उत्पादन कम हो जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं, एक आश्चर्यजनक योजना के तहत उन्होंने हर परिवार के लिए सरकारी सब्सिडी के साथ बिजली उत्पादक बनने और अतिरिक्त बिजली को बिजली कंपनी को बेचकर पैसा कमाने का एक शानदार अवसर पैदा किया है।
शुक्रवार को कैपिटल कॉम्प्लेक्स विद्युत विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष शिविर में विद्युत मंत्री के अलावा अगरतला नगर निगम के विभिन्न वार्डों के पार्षद उपस्थित थे। त्रिपुरा स्टेट पावर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विश्वजीत बसु उपस्थित थे। आज विभिन्न वार्डों से उत्साही लोग इस परियोजना के बारे में अधिक जानने के लिए एकत्रित हुए।
इस विशेष शिविर में सौर पैनल बदलने वाली विभिन्न सरकारी अनुमोदित कंपनियों और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि 13 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का शुभारंभ किया था। इस परियोजना का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट बिजली उत्पन्न करना है।
बिजली मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा है कि देश में अब तक 200 गीगावाट बिजली उत्पादन की पुष्टि हो चुकी है। जो लक्ष्य का 40 प्रतिशत है। परियोजना के बारे में विस्तार से बताते हुए रतन बाबू ने यह भी कहा कि इस परियोजना से घर की छत, टिन की छत या यहां तक कि जमीन पर भी बिजली पैदा की जा सकती है।
इस परियोजना का उद्देश्य छतों पर सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाना तथा घरों को स्वयं बिजली पैदा करने में सक्षम बनाना है। घरेलू क्षेत्र में यह पहल वित्तीय वर्ष 2023-24 (13 फरवरी, 2024 से शुरू) से वित्तीय वर्ष 2026-27 तक चलेगी। इस अवधि तक सरकारी सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
कुल वित्तीय व्यय 75,021 करोड़ टका होगा। इस परियोजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के बारे में बताते हुए रतन बाबू ने कहा कि आवासीय क्षेत्र में पहले 2 किलोवाट क्षमता के सौर पैनल स्थापित करने के लिए सब्सिडी 33,000 टका प्रति किलोवाट है। प्रथम 2 किलोवाट सौर पैनल स्थापित करने के बाद, अगला 1 किलोवाट सौर पैनल स्थापित करने के लिए 19,800 टका की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। 3 किलोवाट सौर पैनल के लिए अधिकतम सब्सिडी 85,800 टका है।
आवासीय क्षेत्र में 3 किलोवाट के सोलर पैनल लगाने के बाद, अतिरिक्त सोलर पैनल लगाने यानी किलोवाट बढ़ाने के लिए कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटियों/आवासीय कल्याण संघों आदि के मामले में तथा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए 500 किलोवाट तक के सौर पैनल लगाए जा सकते हैं।
इसके लिए प्रति किलोवाट 19,800 टका की सब्सिडी मिलेगी। प्रत्येक परिवार अधिकतम 3 किलोवाट सौर पैनल स्थापित कर सकता है। मंत्री ने यह भी कहा कि कोई भी उपभोक्ता जो अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करता है, वह अधिशेष बिजली त्रिपुरा राज्य विद्युत निगम लिमिटेड को बेच सकता है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने नजदीकी बिजली निगम कार्यालय में इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकता है। त्रिपुरा स्टेट पावर लिमिटेड के अधिकारी इस परियोजना में रुचि रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। इस दिन के शिविर में लगभग 250 लोगों ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए पंजीकरण कराया।








